🌹🌹❤🌹❤🌹❤🌹❤🌹❤🌹❤🌹❤🌹 बनी रे माधो राधा कृष्ण बनी। कृष्ण रंगे राधा के रंग में, युगल छवि सोहे ईक संग में, मोर मुकुट धर, पिताम्बर धर, दमकत शीश मणी। नंद यशोदा के मन भावन, धन्य-धन्य ...
ठंडी मधुर मधुर ब्यार,यमुना जु की कल कल,लहलहाते पेड़,पत्तों की सरसराहट,डाल और लताओं का आलिंगन,युगल पक्षियों व जीवों का मधुर मिलन,धरा पर नृत्य करते सुनहरे हरे तृण,सुगंधित पुष्...
सुंदर पुष्प वाटिका निकुंज में तमाल तले छांव में श्यामा जु बैठी हैं अपने प्राणप्रियतम के समक्ष लजाई शरमाई सी।श्यामसुंदर प्यारी प्रियतमा के चरणों पर मेहंदी लगा रहे हैं। ...
"ओ कान्हा बारिश तुम जैसी और मिट्टी मुझ जैसी है तू बरसता रहे और मैं महकती रहूँ" आज अद्भुत है निकुंज की पुरवाई।सब सखियों ने मिल श्यामा जु के लिए कदम्ब तले पुष्पों से सजा झूला लग...