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नैन खोलो प्यारे भोर भयो है

नैना खोलो प्यारे भोर भयो है !2!

काहे  सोबत अबही  लाला मोरे , रैन बीती अब  लाली  भयो हैं !

बृज सारा जागन लाला , रबी किरण सौ जग उजियारी भयो है !

बन  उपबन  महँ  फूल  खिलत , गंध  सगरी  मतबारी  भयो है !

सुख पिक तीतर बटेर कोलाहल सौ , बृज सारा गुंजारी भयो है !

उठौ कान्ह अब बिस्तर त्याग , सोबत  बहु  आजु  देरी  भयो है !

नयन खोलै  कान्ह  जेहि लख , बिरहनी  आजु  बाबरी  भयो है !

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