ऐरी सखियन मोहे न छेड़ो ।
मेरो मन चलत है , प्रियाप्रियतम पद रज धर ।
देखत रही जो तेरो मुख गौरी , याद रहे वाँ बरसाने की छोरी ।
तेरी सुनी जो लागे न तेरी , कुँज की चाकरी सु सब बातन फीकी ।
चल री सखी री , तेरो काज समेटूं , संग चल तब दोउ अनुपम दिव्यातीत तोहे सौंपू ।
-- तृषित ।
॥ युगल स्तुति ॥ जय राधे जय राधे राधे, जय राधे जय श्री राधे। जय कृष्णा जय कृष्णा कृष्णा, जय कृष्णा जय श्री कृष्णा॥ श्यामा गौरी नित्य किशोरी, प्रीतम जोरी श्री राधे। रसिक रसिलौ ...
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