कौनसी साधना से मिलेंगे प्रभु --- एक भक्त ने अपने गुरुदेव से पूछा - प्रभो , कौनसी साधना करुँ कि भगवान मिल सकें ? गुरु जी - तुम बड़े जोर से भागों । दौड़ने से पहले निश्चय कर लो कि मैं भगवा...
सखी में ही पा गई पिया को बावरी ढूँढ फिरा कोई जग सारा कोई ढूंढिया मंदिर खलियानों में मैं ढूँढिया भीतर आपने भीतर ही पाए लियो पिया से करके प्रेम भीतर ही जग बसाए लियो खुद ही हंस...
नाम भगवत् पथ की साधना की आत्मा है जो निखरती जाती है । साधना या भगवत् लालसा का उदय होने पर नाम की भागीरथी का उदय होता है । पहली अवस्था जिसे प्रवर्त्तक अवस्था कहते है नाम साधना ...
श्यामा जू! सेवा सुख कब पाऊँ। कोटि जन्म बीते प्रिया यों ही,भटक भटक मैं वयस बिताऊँ। करहु कृपा वृषभानुनंदिनी पद-सरोज की सन्निधि पाऊँ। मेरो कौन सगौ या जग में,जिसको अपनी व्यथा स...